मोदी का ‘मातृभूमि प्रेम’ : 100 महीनों में 65वीं बार गुजरात आ रहे प्रधानमंत्री !

0
94

‘गुजरात को आत्मा, भारत को परमात्मा’ मानने वाले मोदी ने दोनों को दिया न्याय

कर्मभूमि उत्तर प्रदेश में 172 के बाद गुजरात 65 के साथ दूसरे स्थान पर

मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद औसत हर महीने किया गुजरात का दौरा

अनूठा रिकॉर्ड : किसी भी प्रधानमंत्री ने गुजरात के इतने दौरे नहीं किए

राज V/S नीति : ‘प्रधानमंत्री’ 50 बार, तो ‘मोदी’ 15 बार गुजरात आए

विश्लेषण : कन्हैया कोष्टी

गांधीनगर, 27 सितंबर, 2022 : किसी भी व्यक्ति के लिए उसकी जननी और जन्मभूमि सर्वोपरि होती हैं। फिर वह व्यक्ति प्रधानमंत्री ही क्यों न हो ? यद्यपि एक प्रधानमंत्री के रूप में व्यक्ति को पूरा देश संभालना होता है और वह जननी तथा जन्मभूमि को अपेक्षित समय नहीं दे पाता, परंतु वह व्यक्ति यदि नरेन्द्र मोदी हों, तो बात अलग हो जाती है।
जी हाँ। हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की, जो 29 सितंबर को फिर एक बार गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के बाद मोदी के प्रथम गुजरात दौरे से लेकर इस दौरे तक को राजनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि गुजरात में दिसंबर में विधानसभा चुनाव 2022 होने हैं। यद्यपि राजनीतिक विश्लेषकों की यह मान्यता काफ़ी हद तक सही भी है, परंतु पूरी तरह सही नहीं कही जा सकती है।
आपको जान कर आश्चर्य होगा कि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद 65वीं बार गुजरात की धरती पर पहुँच रहे हैं। मोदी ने 26 मई, 2014 को देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी और इस हिसाब से 26 सितंबर, 2022 सोमवार को उनके कार्यकाल के 8 वर्ष व 4 महीने अर्थात् 100 महीने पूरे हुए हैं।
अपने कार्यकाल में पूरे राष्ट्र का दायित्व संभालते तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय भ्रमण करते हुए भी मोदी ने 29-30 सितंबर के दौरे को मिला कर गुजरात को पूरे 102 दिन समर्पित किए हैं।
मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद और प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जाने से पहले कहा था, “गुजरात मेरा आत्मा है और भारत परमात्मा है।” मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने इस कथन को चरितार्थ किया है और अपने परमात्मा भारत का दायित्व संभालते हुए भी अपने आत्मा गुजरात को भी पूरा न्याय दिया है।
इन आँकड़ों से स्पष्ट हो जाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जननी और जन्मभूमि; दोनों के प्रति प्रेम एवं समर्पण कितना अद्भुत एवं अकल्पनीय है ! मोदी ने देश का प्रधानमंत्री बनने के पश्चात् भी अपनी जन्मभूमि गुजरात और जननी हीराबा के लिए भरपूर और अपेक्षा से अधिक समय निकाला है।

उत्तर प्रदेश के बाद गुजरात शीर्ष पर

नरेन्द्र मोदी ने 26 मई, 2014 को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सबसे पहले 14 जून, 2014 को गोवा की यात्रा की थी, जहाँ उन्हें एक वर्ष पूर्व यानी जून-2013 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया था। 14 जून, 2014 से आरंभ हुआ मोदी के भारत भ्रमण का सिलसिला 37 राज्यों में 676 दौरों के बाद 29-30 सितंबर, 2022 को देश के 677वें तथा गुजरात के 65वें दौरे पर पहुँचेगा। इन 8 वर्षों व 4 महीनों यानी कुल 100 महीनों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्वाधिक 132 दौरे उत्तर प्रदेश के किए हैं, जो उनकी कर्मभूमि है। सभी जानते हैं कि मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं। मोदी के दौरों के मामले में गुजरात 65 दौरों के साथ उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है।

‘माँ’ से ‘माँ’ तक मोदी

नरेन्द्र मोदी ने 26 मई, 2014 को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद 113वें दिन ही गुजरात का पहला दौरा किया था। उन्होंने ‘नरेन्द्र मोदी’ अर्थात् एक नागरिक के रूप में अपना 64वाँ तथा ‘प्रधानमंत्री’ के रूप में अपना पहला जन्म दिवस मनाने के लिए अहमदाबाद का चयन किया था। मोदी 16 सितम्बर, 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में जन्मभूमि गुजरात पहुँचे और जननी हीराबा से आशीर्वाद लिया। 17 सितम्बर, 2014 को अपने 64वें जन्म दिवस पर नरेन्द्र मोदी अहमदाबाद में थे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी अब तक पाँच बार अपना जन्म दिवस गुजरात में मना चुके हैं और जन्म दिवस पर वे मातृभूमि पर में हों, तो विशेष रूप से माता हीराबा का आशीर्वाद अवश्य लेते हैं।

अनब्रेकेबल रिकॉर्ड

देश में जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेन्द्र मोदी तक कुल 14 व्यक्ति प्रधानमंत्री बने हैं। इनमें 3 प्रधानमंत्रियों गुलज़ारी लाल नंदा, मोरारजी देसाई और नरेन्द्र मोदी की जन्मभूमि गुजरात रही है। शेष 11 प्रधानमंत्रियों में नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चरण सिंह, राजीव गांधी, वी. पी. सिंह, चंद्रशेखर तथा अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश से थे; जबकि पी. वी. नरसिंह राव आंध्र प्रदेश, एच. डी. देवे गौडा कर्नाटक, इंद्रकुमार गुजराल बिहार और डॉ. मनमोहन सिंह असम से थे। यदि सभी 13 पूर्व प्रधानमंत्रियों के दौरों का लेखा-जोखा निकालें, तो मोदी के अपने गृह राज्य के दौरों की तुलना में किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने गृह राज्य की इतनी यात्रा नहीं की होगी। मोदी का यह रिकॉर्ड अजेय है। शायद ही कोई व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने होम स्टेट के लिए इतना समय दे पाता है। मोदी से पहले न किसी ने दिया है और न ही किसी के देने की संभावना है।

‘राज’ कम, ‘नीति’ अधिक

हमारे देश के तथाकथित राजनीतिक पंडित शासन में बैठे हर व्यक्ति के हर दौरे को राजनीति से जोड़ देते हैं और बात जब नरेन्द्र मोदी की हो, तो ऐसा करना और भी स्वाभाविक हो जाता है। यही कारण है कि मोदी के गुजरात दौरों को चुनावी दौरे बताया जा रहा है, क्योंकि गुजरात में दिसम्बर-2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह सही है कि भारतीय जनता पार्टी; विशेषकर मोदी की यह रणनीति रही है कि देश में या किसी भी राज्य में चुनाव की घोषणा से पूर्व वे अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज़ कराने के लिए यात्राओं की संख्या बढ़ा देते हैं; परंतु आँकड़ों में जाएँ, तो स्पष्ट है कि मोदी के दौरों में राजनीति कम और कार्य अधिक होता है।
गुजरात की ही बात करें, तो मोदी के कुल 65 दौरों में केवल 15 चुनावी दौरे रहे हैं। मोदी ने 50 दौरे सरकारी किए हैं। मोदी ने अब तक हुए 15 राजनीतिक दौरे गुजरात विधानसभा चनाव 2017 तथा लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान किए हैं। मोदी के शेष 50 दौरे सरकारी दौरे हैं।

पढ़िए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात और भारत भ्रमण की संख्या

मोदी का गुजरात भ्रमण

  1. 16-17 सितम्बर, 2014
  2. 7-8 जनवरी, 2015
  3. 10-11 जनवरी, 2015
  4. 18-20 दिसम्बर, 2015
  5. 15 अगस्त, 2016
  6. 30 अगस्त, 2016
  7. 16-17 सितम्बर, 2016
  8. 22 अक्टूबर, 2016
  9. 10 दिसम्बर, 2016
  10. 9-10 जनवरी, 2017
  11. 7-8 मार्च, 2017
  12. 16-17 अप्रैल, 2017
  13. 22-23 मई, 2017
  14. 29-30 जून, 2017
  15. 25 जुलाई, 2017
  16. 13-14 सितंबर, 2017
  17. 16-17 सितम्बर, 2017
  18. 7-8 अक्टूबर, 2017
  19. 16 अक्टूबर, 2017 (अशासनिक)
  20. 22 अक्टूबर, 2017
  21. 2 नवम्बर, 2017
  22. 27 नवम्बर, 2017 (अशासनिक)
  23. 29 नवम्बर, 2017 (अशासनिक)
  24. 3-4 दिसम्बर, 2017 (अशासनिक)
  25. 6 दिसम्बर, 2017 (अशासनिक)
  26. 7 दिसम्बर, 2017 (अशासनिक)
  27. 8-10 दिसम्बर, 2017 (अशासनिक)
  28. 10-12 दिसम्बर, 2017 (अशासनिक)
  29. 14 दिसम्बर, 2017 (अशासनिक)
  30. 26 दिसम्बर, 2017
  31. 17-18 जनवरी, 2018
  32. 25 फ़रवरी, 2018
  33. 23 अगस्त, 2018
  34. 30 सितम्बर, 2018
  35. 30-31 अक्टूबर, 2018
  36. 21 दिसम्बर, 2018
  37. 17-19 जनवरी, 2019
  38. 30 जनवरी, 2019
  39. 4-5 मार्च, 2019
  40. 10 अप्रैल, 2019 (अशासनिक)
  41. 17 अप्रैल, 2019 (अशासनिक)
  42. 18 अप्रैल, 2019 (अशासनिक)
  43. 21 अप्रैल, 2019 (अशासनिक)
  44. 23 अप्रैल, 2019 (अशासनिक)
  45. 26-27 मई, 2019 (अशासनिक)
  46. 17 सितम्बर, 2019
  47. 2 अक्टूबर, 2019
  48. 30-31 अक्टूबर, 2019
  49. 24 फ़रवरी, 2020
  50. 30-31 अक्टूबर, 2020
  51. 28 नवम्बर, 2020
  52. 15 दिसम्बर, 2020
  53. 6 मार्च, 2021
  54. 12 मार्च, 2021
  55. 19 मई, 2021
  56. 11-12 मार्च, 2022
  57. 18-20 अप्रैल, 2022
  58. 28 मई, 2022
  59. 10 जून, 2022
  60. 17-18 जून, 2022
  61. 4 जुलाई, 2022
  62. 28 जुलाई, 2022
  63. 29 जुलाई, 2022
  64. 27-28 अगस्त, 2022
  65. 29-39 सितंबर, 2022