PSE’s : निर्मला सीतारमण ने प्रोफ़ेशनलिज़्म बढ़ाने व ख़र्च घटाने, तो भूपेंद्र पटेल ने गिफ़्ट सिटी में निवेश का किया आह्वान

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गांधीनगर, 9 जून, 2022 (बीबीएन): केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से व्यावसायिकता को बढ़ाने तथा व्यय में कमी लाने का आह्वान किया है।

सीतारमण गुरुवार को गुजरात में गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में ‘राष्ट्र निर्माण में केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE) के योगदान’ विषय पर आयोजित त्रिदिवसीय प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल भी उपस्थित थे।

सीतारमण ने कहा कि राष्ट्र के बहुआयामी विकास में सार्वजनिक उपक्रमों का अमूल्य योगदान है। भारत संस्थानवादी शासन से स्वतंत्रता प्राप्ति के 75 वर्ष मना मना रहा है। ऐसे में पिछले 75 वर्षों में राष्ट्र के विकास में सेवारत सार्वजनिक उपक्रमों की प्रगति दर्शाने के लिए इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। आज़ादी के अमृत महोत्सव के ये 75 सप्ताह ही वह उचित समय है, जिसमें सभी संस्थानों को देश के विकास में दिए गए योगदान को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की शुरुआत इस बहुत ही स्पष्ट समझ के साथ की गई थी कि ये उपक्रम दीर्घावधि के निवेश के साथ ढाँचागत विकास में योगदान दें, परंतु उस समय औपनिवेशिक शासन से बाहर आए नए देश के लिए सरकार के स्वयं के निवेश व क्षमताओं का निर्माण न करने तक दीर्घावधि की परियोजनाएँ संभव नहीं थीं। 1947 से सार्वजनिक उपक्रमों की यात्रा शुरू हुई और ये उपक्रम आज तक भारतीय अर्थव्यवस्था को ऊँचा लाने में निरंतर अपना योगदान देते रहे हैं। वैश्वीकरण, उदारीकरण तथा निजीकरण के परिणामस्वरूप देश के उद्यमियों को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का उत्तम अवसर मिला था। गुजरात ऐसे ही उद्यमियों तथा उपक्रमों की भूमि है, जो भारत की विशेषता है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2020-21 के बजट में सार्वजनिक उपक्रमों को मुख्य क्षेत्रों में विस्तार करने, स्कैलिंग-अप, विविधीकरण निवेश से संबंधित पर्याप्त अवसर दिए गए हैं। इससे आज सार्वजनिक उपक्रमों के संस्थान निजी क्षेत्र के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और वैश्विक ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। हमें विकास के नए क्षेत्रों को देखने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है, जहाँ हम वेब 3, औद्योगिक क्रांति 4.0, डीप डेटा, डीप टेक्नोलॉजी से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आज़ादी के अमृत महोत्सव की पाँच थीम्स – फ़्रीडम स्ट्रगल, आइडियाज़@75, रिसॉल्व@75, एक्शन@75 तथा अचीवमेंट@75 देश के पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज़ के साथ सुसंगत ढंग से जुड़ी हुई हैं : पटेल

इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने सीतारमण की उपस्थिति में ‘राष्ट्र निर्माण में केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE) के योगदान’ विषय पर आयोजित त्रिदिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। देश में मनाए जा रहे आज़ादी के अमृत महोत्सव (स्वतंत्रता के 75 वर्ष) के अंतर्गत यह प्रदर्शनी केन्द्रीय सार्वजनिक उद्यम विभाग की ओर से आयोजित की गई है। वित्त मंत्रालय द्वारा देश भर में 6 से 12 जून के दौरान मनाए जा रहे ‘आइकॉनिक सप्ताह समारोह’ के अंतर्गत आयोजित हो रही इस प्रदर्शनी के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए CPSE की भूमिका’ विषय पर परिषद् का भी आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस परिषद् का भी उद्घाटन किया।

इस परिषद् में महत्वाकांक्षी ज़िलों (एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स) पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर CSR संबंधी विषयों पर वर्कशॉप-डिस्कशन सिरीज़ (कार्यशिविर-परिसंवाद श्रृंखला) आयोजित होगी। इतना ही नहीं, इस दौरान MSE से प्राप्ति तथा CPSE के एन्युअल ऑडिट सिस्टम जैसे विषयों से जुड़े विभिन्न CPSEs के CEOs एक कॉमन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से वैचारिक आदान-प्रदान करने वाले हैं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस प्रदर्शनी व परिषद् का शुभारंभ कराते हुए इस कार्यक्रम के लिए गांधीनगर का चयन करने हेतु केन्द्रीय वित्त मंत्री एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज़ेस) को देश के विकास एवं प्रगति के लिए सामूहिक क़दम उठाने की प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री के दिशादर्शन में भारत ने संयुक्त अर्थव्यवस्था अपनाई है। इस ढाँचे की विशेषता यह है कि इसमें पब्लिक तथा प्राइवेट; दोनों सेक्टर्स को महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव की सभी पाँचों थीम्स – ‘फ़्रीडम स्ट्रगल, आइडियाज़@75, रिसॉल्व@75, एक्शन@75 तथा अचीवमेंट@75’ CPSEs एवं PSEs के साथ सुसंगत ढंग से जुड़ी हुई हैं। श्री पटेल ने मत व्यक्त किया कि ये पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज़ेस देश में प्रातमिक क्षेत्र से लेकर सेवा क्षेत्र में योगदान देकर विकास की गति तथा आत्मनिर्भरता की दिशा अधिक तेज़ बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक्शन@75 को चरितार्थ करने के लिए केन्द्र तथा राज्यों के सार्वजनिक उपक्रमों के बीच सहयोग-मेल बढ़ाने पर विचार करना होगा।  देश के सार्वजनिक उपक्रमों को पहले की तरह मोनोपॉली नहीं मिलने के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिस्पर्धी बाज़ार में अस्तित्व बनाए रखने के लिए देश के सार्वजनिक उपक्रमों को रि-ओरिएंट होना होगा। उन्होंने गुजरात में ऐसे PSEs की सुदृढ़ व प्रबल उपस्थिति की भूमिका देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट समान गिफ़्ट सिटी की सुविधाओं का विशेष उल्लेख किया।

श्री भूपेंद्र पटेल ने अनुरोध किया कि CPSEs गिफ़्ट सिटी में उपलब्ध विशाल जगह, ICT नेटवर्क, ग्लोबल ट्रेज़री ऑपरेशन किए जाने में सक्षम सुविधाओं, बैक ऑफ़िस तथा IT ऑपरेशन की व्यापक सुविधाओं का लाभ लेने के लिए गिफ़्ट सिटी में पूंजी निवेश तथा व्यवसाय करने आएँ। मुख्यमंत्री ने परिषद् में सहभागी हो रहे विभिन्न CPSEs के CEOs को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी’ अवश्य देखने जाने का निमंत्रण भी दिया।

आरंभ में SCOPE तथा SAIL की अध्यक्ष सोमा मंडल ने स्वागत संबोधन में कहा कि देश की जीडीपी में सार्वजनिक उपक्रम संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान है। स्कोप के सभी सदस्य देश को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को साधने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। इसके अतिरिक्त ये संस्थान देश के आर्थिक एवं ढाँचागत विकास के साथ-साथ CSR के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कौशल्य विकास के क्षेत्र में प्रयासरत् रहते हुए समावेशी विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। आज़ादी के अमृत महोत्सव समारोह के अंतर्गत आयोजित हो रही इस प्रदर्शनी में लगभग 75 सार्वजनिक उपक्रमों के स्वतंत्रता काल से आज तक के विकास की झाँकी प्रदर्शित की गई है, जो आगामी वर्षों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर सीतारमण तथा पटेल ने महाराष्ट्र में सोलापुर स्थित एनटीसी तथा कर्नाटक में बेंगलुरु स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के उपनिवेशों (बस्तियों) का ‘मिनी स्मार्ट सिटी’ के रूप में वर्चुअली लोकार्पण किया। इस मिनी स्मार्ट सिटी में स्थापित 750 किलोवॉट के सोलर प्लांट से कुल आवश्यकता की 34 प्रतिशत बिजली प्राप्त की जा रही है। बिजली की बचत के लिए एलईडी लाइट्स तथा एलईडी स्ट्रीट लाइट्स का उपयोग किया गया है। अन्य सुविधाओं में अत्याधुनिक वाहन स्कैनिंग सिस्टम, स्पीड नियंत्रण पॉइंट, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा आदि शामिल हैं। इस कार्यक्रम में केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम विभाग के उच्चाधिकारी, राज्य सरकार के उच्चाधिकारी तथा 75 केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।