गुजरात : चिंतामुक्त हुए चिता सजाने वाले, कोरोना वॉरियर्स का मिला दर्ज़ा

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कोरोना संक्रमण से मृत्यु पर परिजनों को मिलेंगे 25 लाख रुपए

टीकाकरण में प्राथमिकता सहित सभी प्रकार के मिलेंगे लाभ

संवेदनशील मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का संवेदनशील निर्णय

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

गांधीनगर, 13 मई, 2021 (बीबीएन)। गुजरात में मृतकों की चिताएँ सजाने वाले हज़ारों श्मशान कर्मचारी चिंतामुक्त हुए हैं। गुजरात सरकार ने श्मशान कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स का दर्ज़ा देने का ऐतिहासिक निर्णय किया है।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बुधवार को कोरोना पर गठित कोर समिति की बैठक में लिए गए इस निर्णय की घोषणा की। इसके साथ ही गुजरात में कोरोना संक्रमण से मृत्यु को प्राप्त होने वाले मृतकों की चिताएँ सजाने वाले हज़ारों श्मशान कर्मचारी अब कोरोना वॉरियर कहलाएँगे और उन्हें डॉक्टर, नर्स, पुलिस आदि सभी कोरोना वॉरियर्स को प्राप्त होने वाले लाभ मिलेंगे। इस निर्णय के साथ ही मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने यह भी घोषणा की कि यदि किसी श्मशान कर्मचारी की कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु हुई, तो मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।

श्मशान कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स को मिलने वाले सभी लाभ मिलेंगे। इसके अंतर्गत अब श्मशान कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन देने में भी प्राथमिकता दी जाएगी। देश के अनेक हिस्सों में श्मशान कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर घोषित कर उन्हें टीकाकरण में प्राथमिकता देने की मांग उठ रही थी, परंतु संभवत: श्मशान कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर घोषित करने वाला गुजरात पहला राज्य बना है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एक संवेदनशील व्यक्ति माने जाते हैं और वे अपनी सरकार को भी संवेदनशील सरकार बताते हैं। रूपाणी ने ग़रीब श्मशान कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर का दर्ज़ा देने का ऐतिहासिक निर्णय करके वास्तव में अपनी और अपनी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण दिया है।