14 अप्रैल से लुप्त हैं ‘LIVE’ मोदी : लॉकडाउन 3.0 रहा दु:खदायी, लॉकडाउन 4.0 के लिए तैयार हैं देशवासी ?

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मुख्यमंत्रियों के साथ 11 मई को 5वीं बैठक करेंगे PM मोदी

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद (10 मई, 2020)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यह समाचार लिखे जाने त

क यानी पिछले 27 दिनों से सरकारी टीवी चैनल दूरदर्शन पर LIVE नहीं हुए हैं। मोदी ने अंतिम बार गत 13 अप्रैल को डीडी नेशनल व डीडी न्यूज़ पर राष्ट्र के नाम संदेश दिया था, जिसमें उन्होंने 25 मार्च से लागू लॉकडाउन की अवधि को 14 अप्रैल से बढ़ा कर 3 मई करने की घोषणा की थी। मोदी की इस घोषणा के साथ ही देश में लॉकडाउन 2.0 लागू हो गया था।

देशवासी आशा कर रहे थे कि लॉकडाउन 2.0 समाप्त होने से पहले यानी 3 मई या उससे पहले पीएम नरेन्द्र मोदी फिर एक बार टीवी पर लाइव संदेश देकर लॉकडाउन को लेकर आवश्यक घोषणा करेंगे, परंतु ऐसा नहीं हुआ। लॉकडाउन 3.0 की घोषणा की गृह मंत्रालय (MHA) ने, जिसके अंतर्गत देश में 25 मार्च से लागू लॉकडाउन (LOCKDOWN) 17 मई तक बढ़ गया।

यद्यपि लॉकडाउन 3.0 में देश के आधे से अधिक भूभाग में आर्थिक गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं, परंतु कोरोना संक्रमण का संकट बना हुआ है और कोरोना संक्रमितों की संख्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है। ऐसे में सभी के मन में एक ही प्रश्न उठ रहा है कि क्या लॉकडाउन ही कोरोना का एकमात्र उपाय है या हो सकता है ?

इसी प्रश्न के उत्तर की अपेक्षा लिए देशवासी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टीवी पर साक्षात् होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। गत 13 अप्रैल को लॉकडाउन 2.0 की घोषणा करने के बाद पीएम मोदी टीवी से लुप्त हैं, परंतु सोशल मीडिया के माध्यम से वे लोगों को संदेश देते रहते हैं, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक साथ कई मोर्चों पर कार्यरत् हैं।

टीवी से लुप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि मोदी शांत बैठे हैं। पीएम सहित पूरी सरकार कोरोना संक्रमण से निपटने में व्यस्त है। मोदी स्वयं मैराथन बैठकें कर मंत्रणा व मंथन कर रहे हैं। कभी किसी विभाग के अधिकारियों के साथ, तो कभी वैज्ञानिकों के साथ बैठक कर मोदी भारत को संकट से उबारने में जी-जान से जुटे हुए हैं।

11 मई दोपहर 3 बजे सीएम के साथ पीएम की मंत्रणा

इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुन: एक बार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना संक्रमण पर मंत्रणा करने जा रहे हैं। मोदी 11 मई दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे। नि:संदेह चर्चा का मुख्य मुद्दा ‘लॉकडाउन 3.0 के बाद क्या ?’ ही रहने वाला है। कोरोना संकट के बाद मोदी की राज्यों के सीएम के साथ सोमवार को पाँचवीं बैठक होगी। इससे पूर्व गत 27 अप्रैल को पीएम ने सीएम के साथ मंत्रणा की थी।

देश में 25 मार्च से 21 दिनों के लिए लागू लॉकडाउन उत्साहजनक था, परंतु तबलीग़ी जमात के लोगों ने कोरोना संक्रमण को अनियंत्रित कर दिया। ऐसे में मोदी सरकार ने 15 अप्रैल से 3 मई तक के लिए लॉकडाउन 2.0 की घोषणा की। इसके बाद एमएचए ने 4 मई से 17 मई तक के लिए लॉकडाउन 3.0 घोषित किया, परंतु लॉकडाउन का यह तीसरा चरण अब तक दु:खदायी, कष्टदायी, पीड़ादायी और दर्दनाक रहा है।

श्रमिकों की दयनीय स्थिति ने बढ़ाई चिंता

लॉकडाउन 3.0 के दौरान 25 मार्च से फँसे हुए श्रमिकों को अपने घर जाने की अनुमति दी गई। इस अनुमति के दौरान कई नगरों-राज्यों में भारी अव्यवस्था देखी गई। देश का निर्माता श्रमिक बुरी तरह परेशान रहा। विराट संख्या में श्रमिकों की घर वापसी के आगे व्यवस्थाएँ वामन सिद्ध हुईं। इसी दौरान आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम् में गैस लीकेज से सैंकड़ों लोगों के प्रभावित होने तथा 8 श्रमिकों की मौतों तथा महाराष्ट्र के औरंगाबाद में घर वापसी के लिए निकले व पटरी पर सो रहे 16 श्रमिकों की मालगाड़ी से कट कर हुई मौतों ने देशवासियों व मोदी सरकार को झकझोर दिया है।

अब लॉकडाउन 4.0 या लॉकडाउन का काउंटडाउन ?

लॉकडाउन के माध्यम से देश को 56 दिनों तक घरों में बंद रख कर कोरोना से निपटने के मोदी सरकार के प्रयासों से निश्चित रूप से कोरोना संक्रमितों व मौतों का आँकड़ा नियंत्रण में रहा है, परंतु दूसरी ओर अर्थ व्यवस्था, ठप उद्योग-व्यापार-धंधे, बेरोज़गारी जैसी मुसीबतें कदाचित अब लॉकडाउन 4.0 को झेलने के लिए तैयार नही है। वैसे भी मोदी सरकार यह कह चुकी है कि लोगों को अब कोरोना के साथ सुरक्षित होकर जीना सीख लेना चाहिए। क्या इसका यह अर्थ निकाला जाए कि देश में 25 मार्च से लागू लॉकडाउन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है ? यद्यपि यह संभावना भी बहुत कम दिखाई दे रही है कि सरकार लॉकडाउन को पूरी तरह समाप्त कर देगी।

मुख्यमंत्रियों की राय तय करेगी आगे की राह

इन सभी परिस्थितियों के बीच अब प्रधानमंत्री मोदी की सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ होने वाली बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। मुख्यमंत्रियों की राय ही आगे की राह तय करेगी। तेलंगाना ने अपने यहाँ लॉकडाउन को पहले ही 29 मई तक बढ़ा दिया है। ऐसे में देश के अन्य राज्य भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने पर सहमत होंगे या नहीं ? विशेष रूप से सर्वाधिक प्रभावित मुंबई-महाराष्ट्र एवं अहमदाबाद-गुजरात में स्थितियाँ ऐसी नहीं हैं, जहाँ लॉकडाउन को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। ऐसी स्थिति में देश के कितने राज्य लॉकडाउन को आगे बढ़ाने या नहीं बढ़ाने पर सहमत होते हैं, उसी पर लॉकडाउन 4.0 का निर्णय हो पाएगा।