रूपाणी का रोष : तबलीग़ियों का तांडव झेल रहा गुजरात, श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन से पाएँगे निजात…

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अहमदाबाद (4 मई, 2020)। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने फिर एक बार तबलीग़ी जमात पर आक्रामक रुख अपनाया है। रूपाणी ने रोष सहित आरोप लगाया है कि गुजरात में कोरोना (CORONA) संक्रमितों की संख्या बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण तबलीग़ी जमात के लोग हैं। रूपाणी के अनुसार दिल्ली के मरकज़ में भाग लेकर लौटे तबलीग़ियों ने अहमदाबाद में कोरोना संक्रमण का तीव्र प्रसार किया और इसी कारण आज गुजरात की आर्थिक राजधानी हॉटस्पॉट बन चुकी है।

रूपाणी ने एक ही सप्ताह में लगातार दूसरे साक्षात्कार में तबलीग़ियों पर हमला बोला है। उन्होंने समाचार एजेंसी IANS को दिए इंटरव्यू में कहा कि कोरोना की आहट से पहले ही गुजरात ने कई तरह की तैयारियाँ कर ली थीं। शुरुआत में राज्य में कोरोना संक्रमितों के मामले तेज़ी से नहीं बढ़ रहे थे, परंतु दिल्ली के मरकज़ से जो तबलीग़ी जमात के लोग अहमदाबाद लौटे, उन्होंने प्रशासन के साथ सहयोग नहीं किया।

गुजरात सरकार एवं अहमदाबाद महानगर पालिका (AHMEDABAD MUNICIAPL CORPORATION) अर्थात् AMC ने मिल कर अहमदाबाद के परकोटा क्षेत्रों में जा छिपे तबलीग़ियों को ढूँढा और उनका टेस्ट अभियान चलाया, जिसके बाद अहमदाबाद में तेज़ी से कोविड 19 (COVID 19) के मामले बढ़े। इससे पहले भी विजय रूपाणी ने समाचार एजेंसी PTI को दिए साक्षात्कार में अहमदाबाद में कोरोना संक्रमितों के मामलों के बढ़ने के लिए तबलीग़ी जमात के लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया था।

विजय रूपाणी ने इस इंटरव्यू में और भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। विजय रूपाणी ने कोरोना संक्रमितों के उपचार की व्यवस्थाओं के विषय में बताया कि मार्च के अंत तक गुजरात ने 2200 बिस्तरों वाले बड़े कोविड 19 अस्पताल खड़े कर दिए और ऐसा करने वाला गुजरात एकमात्र राज्य है। हाल में 31 निजी सहित 61 अस्पतालों में कोविड 19 संक्रमितों का उपचार चल रहा है।

राज्य में आज कोविड मरीज़ों के उपचार के लिए 1500 आसीयू (ICU)तथा 1500 वेंटिलेटर्स से लैस 10,500 कोविड बेड्स हैं। राज्य सरकार ने केवल एक सप्ताह में कुल कोविड बेड्स की संख्या 22,500 पर पहुँचा दी।

उन्होंने प्रश्नों के उत्तर में कहा कि गुजरात का इतिहास आपदाओं से भरा पड़ा है। सूरत में प्लेग, कंडला चक्रवात, भूकंप एवं अकाल जैसी आपदाओं के समय भी गुजरात ने आपत्ति को अवसर में बदलने का सामर्थ्य दिखाया था।

उल्लेखनीय है कि गुजरात में भीषण भूकंप के बाद 7 अक्टूबर, 2001 को सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र कई कड़े कदम उठाए थे। मोदी ने सर्वप्रथम गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) का गठन किया था और उसी के नेतृत्व में कच्छ में भूकंप पुनर्वास का विश्व स्तरीय कार्य हुआ।

रूपाणी ने कहा कि जीएसडीएमए के तहत गुजरात कोरोना संकट से निपटने के लिए जी-जान से जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉकडाउन (LOCKDOWN) घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार ने जहाँ एक ओर राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों को नि:शुल्क अनाज आदि का वितरण किया, जिसमें समाज के निर्धन, मध्यम सहित सभी वर्गों को शामिल किया गया।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद भले ही कोरोना हॉटस्पॉट बन चुका है, परंतु 60 प्रतिशत से अधिक कोरोना मामले कलस्टर रीजन्स से हैं। यह कलस्टर रीजन अहमदाबाद के कुल क्षेत्रफल का केवल 20 प्रतिशत है। इसका अर्थ यह हुआ कि अहमदाबाद के 80 प्रतिशत हिस्से में कोरोना पूरी तरह नियंत्रण में है।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे इन कदमों ने हमें कोविड 19 का सामना करने के लिए पूर्णत: सज्ज कर दिया है और गुजरात शीघ्र ही इस कोविड 19 महामारी से मुक्त होगा।