अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में चमत्कार: 11 वर्षीय निर्धन लक्ष्मी को 45° टेढ़ी गर्दन से मिली 100% मुक्ति

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रेअरेस्ट ऑफ रेअर ‘CERVICAL KYPHOSIS’ से पीड़ित थी लक्ष्मी

अहमदाबाद में पहली बार आर्थो-ऑपरेशन में ‘HELLO WEST’ का उपयोग

रिपोर्ट : उमंग बारोट/राहुल पटेल, हिन्दी अनुवाद : राजेन्राजेन्द्र निगम

अहमदाबाद (25 मई, 2020)। ग्यारह वर्ष की लक्ष्मी को सर्वाइकल कायफोसिस (CERVICAL KYPHOSIS) होने के कारण उसका सफल उपचार अहमदाबाद स्थित गुजरात के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में किया गया। बालकों में रीढ़ की हड्डी की यह बीमारी बहुत कम होती है, जिसमें रोगी की गर्दन टेढ़ी रहती है।
सर्वाइकल कायफोसिस का ऑपरेशन बहुत जटिल होता है। अहमदाबाद में ‘हेलो वेस्ट’ का उपयोग सबसे पहली बार हुआ है। इस ऑपरेशन के दौरान नीरो-मानिटरिंग की बहुत जरूरत रहती है।

लक्ष्मी में जन्म से ही रीढ़ की हड्डी में  चौथा मणका अपरिपक्व रह गया था। उम्र बढ़ने के साथ इस मणके में वृद्धि नहीं हो रही थी। इसके अलावा दो महीने पहले यह 11 वर्ष की बालिका स्कूल में खेलते समय जब गिर पड़ी तब रीढ़ की हड्डी पर दबाव आने के कारण गर्दन टूट गई थी। इससे लक्ष्मी का हाथ-पैरों के संचालन व शौच-मूत्र पर नियंत्रण भी समाप्त हो गया था।

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अहमदाबाद के वटवा क्षेत्र में रहनेवाले लक्ष्मी के पिता सुनीलभाई के लिए यह परिस्थिति बहुत दुसह्य थी। सुनीलभाई ने नगर के निजी अस्पतालों से संपर्क किया और वहाँ उन्हें ऐसे ऑपरेशन का खर्च करीब 4 से 5 लाख रुपए तक का बताया। इसलिए सुनीलभाई लक्ष्मी को अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाए।

सुनीलभाई जीवन निर्वाह के लिए अहमदाबाद में लोडिंग रिक्शा चलाते हैं और इसलिए वे ऐसा बड़ा खर्च उठाने में असमर्थ थे। सुनीलभाई ने बताया कि, ‘आज से दो महीने पहल जब मैं मेरी बेटी लक्ष्मी को लेकर सिविल अस्पताल आया था, तब मुझे बिल्कुल भी आशा नहीं थी कि मेरी पुत्री इतनी जल्दी ठीक हो जाएगी। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में मेरी बेटी के दोनों ऑपरेशन नि:शुल्क किए गए हैं।

सिविल अस्पताल में लक्ष्मी का एक्स रे, सिटी स्केन व एमआरआई सहित की सभी रिपोर्ट निकाली गईं। लक्ष्मी का यह सफल ऑपरेशन दो चरणों में संपन्न किया गया। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सिविल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जे.पी. मोदी के मार्गदर्शन में उनकी टीम के द्वारा यह सफल सर्जरी की गई।

डॉ. जे.पी. मोदी के अनुसार लक्ष्मी के लिए हेलो वेस्ट का उपयोग बहुत सफल सिद्ध हुआ है। यह ‘हेलो वेस्ट’ (HELLO WEST) तकनीक लक्ष्मी के लिए विशेष रूप से तैयार की गई। सिविल अस्पताल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) डॉ. एम.एम. प्रभाकर के अनुसार अस्पताल में कोरोना वार्ड सहित अन्य सभी यूनिट-वार्ड पूर्ववत हो गए हैं।

यह उल्लेखनीय है कि लक्ष्मी को हृदय की बीमारी भी होने के कारण उसका उपचार यू.एन. हास्पिटल में चल रहा है। सर्वाइकल कायफोसिस का उपचार होने के कारण लक्ष्मी अब स्वयं चल-फिर सकती है। वह अब 45 डिग्री से टेढ़ी हुई गर्दन से राहत प्राप्त कर चुकी है और यह निश्चित है कि अब लक्ष्मी ऊँचा लक्ष्य सिद्ध करेगी।

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