दूरदर्शन पर कब दर्शन देंगे PM नरेन्द्र मोदी ? ‘राम’ के बाद या ‘कृष्ण’ के पहले ?

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद (1 मई, 2020)। आज टेलीविज़न (TELEVISION) का अर्थ सहस्त्रों प्रकार के चैनलों का भंडार, परंतु भारत में 90 के दशक तक वह युग भी था, जब टीवी (TV) और दूरदर्शन (DOORDARSHAN) एक-दूसरे के पर्याय थे। लोग टीवी यानी एकमात्र चैनल दूरदर्शन ही मानते थे। वैसे भी टेलीविज़न का शाब्दिक हिन्दी अर्थ दूरदर्शन ही होता है। यद्यपि आज सहस्त्रों प्रकार के निजी चैनल हैं, परंतु देश के 130 करोड़ लोगों की दृष्टि केवल और केवल दूरदर्शन पर टकटकी लगाए बैठी हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कब दर्शन देंगे ?

देश में कोरोना वायरस (CORONA VIRUS) से व्याप्त हुई कोविड 19 (COVID 19) नामक नरभक्षी महामारी के चलते गत 25 मार्च, 2020 से लॉकडाउन (LOCKDOWN) लागू किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मार्च, 2020 रात 8.00 बजे लॉकडाउन आधी रात से 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी, जिसे 13 अप्रैल को मोदी ने ही 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया। लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के साथ ही देश में लॉकडाउन 1.0 व लॉकडाउन 2.0 नामक दो नए शब्द अस्तित्व में आए। अब जबकि 25 मार्च से 14 अप्रैल के लॉकडाउन 1.0 के बाद 15 अप्रैल से 3 मई तक के लिए लागू लॉकडाउन 2.0 की उल्टी गिनती (COUNTDOWN) आरंभ हो गई है, तब देशवासियों के मन में एक ही प्रश्न उठ रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘लॉकडाउन 2.0 के बाद क्या ?’ प्रश्न के उत्तर में कब तथा क्या लेकर आएँगे ? क्या मोदी देश को लॉकडाउन 3.0 देंगे ? क्या लॉकडाउन 3.0 पहले व दूसरे लॉकडाउन की तुलना में कुछ राहतें लेकर आएगा ? क्या लॉकडाउन 3.0 रेड ज़ोन पर भारी, ऑरेंज ज़ोन पर हल्का तथा ग्रीन ज़ोन पर राहत की फुहार लेकर आएगा ? क्या ग्रीन ज़ोन में कोरोना से पहले वाला जीवन पुन: चल पड़ेगा ?

चार बार राष्ट्र के नाम संदेश दे चुके हैं मोदी

चूँकि लॉकडाउन 2.0 की अवधि समाप्त होने में यह समाचार लिखे जाने तक केवल 56 घण्टों का समय शेष रह गया है, तब पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शन पर दर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोरोना विरोधी युद्ध के दौरान अब तक 4 बार दूरदर्शन पर प्रकट होकर राष्ट्र के नाम संदेश दे चुके हैं।

मोदी का कोरोना कैलेण्डर

पहला संबोधन : 19 मार्च, 2020

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 मार्च, 2020 गुरुवार को राष्ट्र के नाम संदेश में देशवासियों का 22 मार्च, 2020 रविवार को जनता कर्फ्यू रखने व सायं 5 बजे ध्वनिनाद करने का आह्वान किया था। मोदी ने घंटी, शंख या अन्य ध्वनि यंत्रों को बजा कर कोरोना विरोधी योद्धाओं का उत्साह-वर्धन करने के लिए यह आह्वान किया था।

दूसरा संबोधन : 24 मार्च, 2020

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मार्च, 2020 मंगलवार को रात 8.00 बजे राष्ट्र के नाम संदेश में मध्य रात्रि 12.00 बजे यानी 25 मार्च, 2020 बुधवार से 21 दिन के यानी 14 अप्रैल, 2020 मंगवार मध्य रात्रि 12.00 बजे तक लॉकडाउन की घोषणा की और पूरा देश ठहर गया।

तीसरा संबोधन : 3 अप्रैल, 2020

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 अप्रैल, 2020 शुक्रवार को पुन: रात 8.00 बजे राष्ट्र के नाम संदेश में देशवासियों का आह्वान किया कि वे 5 अप्रैल, 2020 रविवार रात 9.00 बजे 9 मिनट के लिए घर में बिजली की सभी लाइट्स ऑफ कर दें और दीया, मोमबत्ती, मोबाइल टॉर्च या मोबाइल फ्लैश लाइट जला कर कोरोना विरोधी योद्धाओं का उत्साह बढ़ाएँ।

चौथा संबोधन : 13 अप्रैल, 2020

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 अप्रैल, 2020 सोमवार को पुन: एक बार दूरदर्शन पर प्रकट हुए। इस बार समय रात 8.00 बजे का नहीं, वरन् सुबह 10.00 बजे का था। मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने चौथे संबोधन में 14 अप्रैल, 2020 मंगलवार रात 12.00 बजे समाप्त हो रही लॉकडाउन की अवधि को 3 मई, 2020 रविवार रात 12.00 बजे तक बढ़ाने की घोषणा की।

अब ‘उत्तर रामायण’ के बाद या ‘कृष्ण’ से पहले ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दूसरा व तीसरा संबोधन रात 8.00 बजे किया, परंतु 13 अप्रैल वाले चौथे संबोधन के लिए सुबह 10.00 बजे का समय चुना, जब दूरदर्शन पर सुबह 9.00 बजे प्रसारित होने वाला ‘रामायण’ धारावाहिक चल रहा था। मोदी के संबोधन के चलते धारावाहिक को बीच में रोक दिया गया और मोदी ने देश के समक्ष लॉकडाउन 2.0 की घोषणा की। अब जबकि ऐसा लग रहा है कि मोदी लॉकडाउन 2.0 के काउंटडाउन के बीच पाँचवाँ संबोधन 3 मई को ही कर सकते हैं, तब प्रश्न यह उठता है कि इस बार भी मोदी दूरदर्शन पर सुबह 10.00 बजे ‘उत्तर रामायण’ के रिपीट एडिशन के बीच प्रकट होंगे या फिर 3 मई को रात 9.00 बजे आरंभ होने जा रहे रामानंद सागर के एक और धारावाहिक ‘कृष्ण’ से पहले रात 8.00 बजे का समय चुनेंगे ?