अहमदाबाद : कोष्टी समाज ने LOCKDOWN के बीच खोई इन ‘वटवृक्षों’ की छाया… : भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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किसी को अंतिम दर्शन न कर पाने का खेद, कोई दु:ख में भागीदार न बन पाने से दु:खी

KSSCST, KSA और KSCTA की ओर से सभी मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि

छोटी-सी जनसंख्या वाले कोष्टी समाज ने किया लॉकडाउन के नियमों का संपूर्ण पालन

रिपोर्ट : फूलचंद कोष्टी

अहमदाबाद (1 जून, 2020)। कोरोना वायरस संक्रमण से संचारित वैश्विक महामारी कोविड 19 के कारण 25 मार्च से लागू लॉकडाउन 31 मई रविवार को समाप्त हो गया। यह लॉकडाउन 4 चरणों से गुज़रने के बाद अब 1 जून यानी सोमवार से पाँचवें चरण में ‘अनलॉक-1’ के नए नाम के साथ लागू हो रहा है।

68 दिनों के इस लॉकडाउन ने जहाँ भारत में करोड़ों-करोड़ों लोगों के जीवन की रक्षा की, वहीं इस लॉकडाउन ने धार्मिक-सामाजिक क्षेत्र की सभी गतिविधियों को पूर्णत: ठप कर दिया। हमारे आम जनजीवन में अक्सर कहा जाता है, ‘किसी की ख़ुशी में शामिल न हो सकें, तो कोई बात नहीं, परंतु दु:ख में तो दुश्मन का भी ढाढस बंधाने संकोच नहीं करना चाहिए’. परंतु कोरोना के रूप में ऐसा विकराल संकट आया, जिसके कारण सभी जातियों-समाजों में ‘दु:ख की घड़ी’ में कंधे पर रखे जाने वाले हाथ कम पड़ गए।

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जी हाँ ! हम बात कर रहे हैं उन लोगों की, जिनके घरों में किसी की मौत हुई। सामान्य परिस्थितियों में किसी घर में किसी की मृत्यु पर जहाँ अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते और शोकमग्न परिजनों को सांत्वना देने वालों का ताँता लगा रहता, परंतु लॉकडाउन के दौरान हर समाज ने दु:ख की ऐसी घड़ी में अपनों को स्वयं से न केवल दूर पाया, बल्कि सामने से पहल करके दूर भी रखा।

ऐसा ही एक समाज है कोष्टी समाज। 78 लाख की जनसंख्या वाले अहमदाबाद महानगर में कोष्टी समाज का छोटा-सा कुनबा है। मिलों के युग में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से वर्षों पहले अहमदाबाद में आ बसे कोष्टी समाज के लोग यहाँ आने के बाद पूरी तरह गुजराती हो गए।

कोरोना त्रासदी एवं लॉकडाउन के सुखद बंधन एवं दु:खद पलों के बीच अहमदाबाद में बसने वाले छोटे-से कोष्टी समाज ने भी कई प्रकार के कोष्टों को झेलते हुए कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के सभी नियमों का पालन किया। यही कारण है कि 68 दिनों में कोष्टी समाज में एक दर्जन से अधिक वयोवृद्धों का निधन हुआ, परंतु मृतकों के निकटस्थ संबंधी उनकी अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी गतिविधियों में शामिल नहीं हो सके।

कोष्टी समाज में 68 दिनों के इस लॉकडाउन के दौरान लगभग 15 लोगों का निधन हुआ। इनमें अधिकांश वयोवृद्ध थे, जो समाज के लिए वटवृक्ष समान थे। समाज के कई सदस्यों को इन मृतकों का अंतिम दर्शन नहीं कर पाने का, कई लोगों को मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करने या श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं मिल पाने का खेद है, तो कई लोग अपनों के दु:ख में भागीदार नहीं बनने से दु:खी हैं।

अहमदाबाद में कोष्टी समाज का अलग-अलग स्तर पर नेतृत्व करने वाले तीन संगठनों कोष्टी समाज अहमदाबाद (KSA), कोष्टी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट अमहमदाबाद (KSCTA) तथा कोष्टी समाज सीनियर सिटीज़न सेवा ट्रस्ट (KSSCST) ने लॉकडाउन के दौरान ‘एकांत मृत्यु’ को प्राप्त हुए सभी मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।

केएसए तथा केएससीटीए के अध्यक्ष अनिल भगवानदास कोष्टी, उपाध्यक्ष मुकेश रामचरण कोष्टी, सचिव गोपीचंद ईश्वरलाल कोष्टी, केएसएससीएसटी के अध्यक्ष रतिलाल गौरीशंकर कोष्टी और उपाध्यक्ष हरिलाल रामलाल कोष्टी ने कहा, ‘समाज के सभी बंधुओ से नम्र निवेदन है कि आप जब भी इस श्रद्धांजलि को पढें, उसी समय 30 सेकेंड के लिए ठहर कर ॐ शांति ॐ शांति ॐ शांति कहें।’ इन पदाधिकारियों ने ऐसे सभी ज्ञात एवं अज्ञात मृतकों एवं उनके परिजनों की सूचना एकत्र की और भव्य भारत न्यूज़ (BBN) के माध्यम से समाज के लोगों तक मृतकों की सूचना पहुँचाने का प्रयास किया है।

बीबीएन भी कोष्टी समाज के इस प्रयास में सहभागी होने को समाज की सेवा मानते हुए मृतकों की ज्ञात सूची प्रकाशित कर रहा है, जो निम्नानुसार है :

रामगोपाल बाबूलाल कोष्टी – दिवंगत दिनांक 04/05/20 – जयरामभाई की चाली, भाईपुरा, अहमदाबाद।
नर्मदाबेन जगदीशभाई कोष्टी – दिवंगत दिनांक 12/05/20 – विवेकानंदनगर, हाथीजण, अहमदाबाद।
गीताबेन जगदीशभाई कोष्टी – दिवंगत दिनांक 20/05/20 – विराटनगर, इसनपुर, अहमदाबाद।
ममताबेन गोपालभाई कोष्टी – दिवंगत दिनांक 30/05/20 – कोलबा स्वामी सोसाइटी, हाटकेश्वर, अहमदाबाद।
पार्वतीबेन रमेशभाई कोष्टी – दिवंगत दिनांक 30/05/20 – अजय टेनामेंट वस्त्राल, अहमदाबाद।
कांतिलाल कोदूलाल कोष्टी – दिवंगत दिनांक 30/05/20 – इसनपुर, अहमदाबाद।
रानीबेन तुलसीदास कोष्टी – दिवंगत दिनांक 24/05/20 – कालीदास की चाली, गोमतीपुर, अहमदाबाद।
गणपत तेजीलाल कोष्टी – दिवंगत दिनांक 24/05/20 – पुष्पमनगर, भाईपुरा, हाटकेश्वर, अहमदाबाद।
चंपकलाल करोड़ीमल कोष्टी – दिवंगत दिनांक 24/05/20 – जय माला बस स्टैंड, इसनपुर, अहमदाबाद।
मोहनलाल बाबूलाल कोष्टी – दिवंगत दिनांक 13/05/20 – ऋषिकेशनगर, हाटकेश्वर, अहमदाबाद।
जमनाबेन रोहितभाई कोष्टी – दिवंगत दिनांक 24/05/2020 – घनश्यामनगर, कैनाल रोड, घोडासर, अहमदाबाद।
लीलाबेन मोहनलाल कोष्टी – दिवंगत दिनांक 30/03/2020
रमीलाबेन मधुसूदन कोष्टी – दिवंगत दिनांक 28/04/2020 – जुगलदास की चाली नंबर 3, ईदगाह रोड, अहमदाबाद।
कौशल्या रामदास कोष्टी – दिवंगत दिनांक 28/04/2020 – जुगलदास की चाली नंबर 3, ईदगाह रोड, अहमदाबाद।
ताराबेन कांतिलाल कोष्टी – दिवंगत दिनांक 29/05/2020 – जुगलदास की चाली नंबर 3, ईदगाह रोड, अहमदाबाद।

अहमदाबाद में बसने वाले कोष्टी समाज में सामान्यत: किसी के निधन पर शोक-संतप्त परिवारों को ढाढस बंधाने के लिए कम से कम तीन दिनों तक सगे-संबंधी मृतक के घर रहते हैं, कई प्रकार की विधियाँ होती हैं और कहीं-कहीं बारहवीं-तेरहवीं जैसी परंपराएँ भी निभा कर मृतक के परिजन अपने पूर्वज के प्रति अपने अंतिम उत्तरदायित्व को पूर्ण करते हैं।

अनिल भगवानदास कोष्टी, मुकेश रामचरण कोष्टी, गोपीचंद ईश्वरलाल कोष्टी, रतिलाल गौरीशंकर कोष्टी और हरिलाल रामलाल कोष्टी ने कहा, ‘लोकडाउन 1.0 से लेकर लॉकडाउन 4.0 तक धारा 144 एवं कई क्षेत्रों में कर्फ्यू के बाद पूरे महानगर में रात्रि कर्फ्यू के दौरान कोष्टी समाज ने अपने बहुत से महानुभावों को खो दिया, जिनमें से कई तो समाज के लिए वटवृक्ष की छाया समान थे। संकट एवं परीक्षा की इस घड़ी में हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन मृतकों के अंतिम दर्शन न कर पाए या अंतिम विधि/कार्यक्रम में शामिल न हो पाए।’

उन्होंने कहा, ‘हम लॉकडाउन के दौरान दिवंगत हुए सभी बंधुओं को भावभीनी श्रद्धंजलि प्रेषित करते हैं। इन बुज़ुर्गो की क़मी उनके परिवाजनों को तो महसूस होगी ही, साथ-साथ समाज भी इससे अछूता नहीं रहेगा। दिवंगतों के परिजनों पर आई दु:ख की इस घड़ी में हम परम कृपालु परमात्मा से करबद्ध प्राथना करते हैं कि हे कृपानिधान ! दिवंगतों के परिजनों को यह दु:ख एवं पीड़ा सहन करने की क्षमता प्रदान करें तथा दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में शरण देकर चिर शांति प्रदान करें।’

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