आरंभ हुआ ‘राष्ट्र – धर्म सर्वोपरि’ महाभियान, जो करेगा ‘माँ भारती’ का महिमागान

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सम्पादकीय : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद। अंतर्जाल (INTERNET) के युग में सूचनाओं अर्थात् जानकारियों का प्रचार-प्रसार करने वाले करोड़ों माध्यम (MEDIA) उपलब्ध हैं। लाखों समाचार वेबसाइट तथा मोबाइल एप हैं, तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी समाचार चैनलों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। प्रत्येक समाचार मीडिया उपलब्ध सूचनाओं को शीघ्रातिशीघ्र, अपितु सर्वप्रथम पहुँचाने की प्रतिस्पर्धा में मग्न है। हर घटना को BREAKING BIG या BREAKING शब्द प्रयोग कर लोगों तक पहुँचाने की वृत्ति साधारण बन चुकी है। किसी को लोकप्रियता की सनक है, कोई पेजव्यूज़ एवं टीआरपी बढ़ाने की ताक में है। इस सारी आपाधापी में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता (मीडिया) में वर्षों पुरानी विश्लेषण, मंथन, जन-संदेश एवं वास्तविक व कटु सत्य के प्रचार-प्रसार की परंपरा कहीं न कहीं अवरुद्ध हुई है। आधुनिकता के नाम पर FAST AND FIRST की होड़ में मीडिया के कई प्रारूपों में कभी-कभी भ्रमपूर्ण, मिथ्या, असत्य व अपुष्ट सूचनाओं के दूषण ने प्रवेश कर लिया है, जिसके चलते समाचार का वास्तविक अर्थ एवं रूप कहीं लुप्त से हो गए प्रतीत होते हैं।

भारत के पश्चिमी समुद्र तट पर स्थित गुजरात की आर्थिक राजधानी प्राचीन-ऐतिहासिक अहमदाबाद महानगर की भूमि से ‘भव्य भारत न्यूज़’ (बीबीएन-BBN) का आज 18 अप्रैल, 2020 शनिवार (वैशाख कृष्ण 11, विक्रम संवत् 2077 – ચૈત્ર વદ 11, વિક્રમ સંવત્ 2076) के दिवस उदय हुआ है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में एक नवजात शिशु की भाँति प्रवेश कर रहे बीबीएन के बहुत बड़े-बड़े वादे या दावे नहीं हैं, परंतु तथापि हमारा पूर्ण प्रयास रहेगा कि हम वर्तमान ‘ब्रेकिंग न्यूज़, आपाधापी, पहले हम, भेंड़-चाल’ वाली पत्रकारिता से हट कर भारतवाशियों व भारतवंशियों सहित समग्र विश्व के समक्ष सत्य, पुष्ट व तथ्य आधारित सूचनाएँ, जानकारियाँ प्रदान करें। बीबीएन केवल जानकारियों-सूचनाओं का संपुट या भार नहीं होगा, अपितु प्रत्येक विषय की समीक्षा के साथ समाधानपूर्वक ज्ञान का भंडार बन कर लोगों के समक्ष प्रस्तुति देगा।।

‘भव्य भारत न्यूज़’ (BHAVY BHAARAT NEWS) की नींव तो अंग्रेज़ी नव वर्ष 1 जनवरी, 2020 के दिन ही पड़ गई थी और उसी दिन इसकी शुभारंभ तिथि (LAUNCING DATE) 18 अप्रैल, 2020 निर्धारित हो चुकी थी, क्योंकि इसी दिन मेरी ‘पत्रकारिता यात्रा’ के 26 वर्ष पूर्ण होते हैं। अपनी पत्रकारिता की 26वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में माँ भारती को समर्पित ‘भव्य भारत न्यूज़’ वेब पोर्टल की संकल्पना की गई व उसकी कार्ययोजना पर कार्यारंभ किया गया, तब हमने या हमारे देश ने या विश्व के किसी देश (चीन को छोड़ कर) ने सपने में भी यह कल्पना नहीं की थी कि बीबीएन का शुभारंभ दिवस आने तक भारत सहित समग्र विश्व भयावह ‘संक्रमण काल’ के चंगुल में फँस चुका होगा।

इस प्रकार मानवीय मन की कल्पनाओं, प्रारब्ध, नियति, ईश्वरीय इच्छा, विधि के विधान जैसे बंधनों से बंधे घटनाक्रमों की श्रेणी में वर्तमान काल भारत सहित समग्र विश्व ‘कोरोना’ (CORONA) के प्राणघातक संक्रमण का सामना कर रहा है। मानव जाति को झकझोर कर रख देने वाले इस संक्रमण काल में ‘भव्य भारत न्यूज़’ का ‘निष्क्रमण’ उदय हो रहा है। बीबीएन का उद्देश्य आज भी वही है, जो उसकी अवधारणा के समय था, परंतु वर्तमान संकटकालीन व विपरीत परिस्थितियों में ‘भव्य भारत न्यूज़’ महान भारत की महान संस्कृति के माध्यम से ‘संक्रमण काल’ को ‘निष्क्रमण काल’ में परिवर्तित करने के देशवासियों के महायज्ञ को भी अपने उद्देश्य में समाहित करके राष्ट्र एवं विश्व की सेवा के संकल्प के साथ आरंभ होने जा रहा है।

अपने नाम के अनुरूप ‘भव्य भारत न्यूज़’ के दो मुख्य स्तंभ होंगे, राष्ट्र एवं धर्म। बीबीएन के लिए राष्ट्र सर्वोपरि होगा, राष्ट्र ही धर्म होगा। बीबीएन इस ‘राष्ट्र – धर्म’ की सुदृढ़ आधारशिला पर भव्य भारत के निर्माण की संकल्पना के साथ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में एक नवजात शिशु की भाँति प्रवेश कर रहा है। बीबीएन अपने पाठकों के समक्ष भारत की भव्यता को तीन कालों के आधार पर प्रस्तुत करेगा। हमारे देश के तथाकथित इतिहासविद् एवं विश्व के बड़े-बड़े वैज्ञानिक भले ही भारत के भूत, वर्तमान व भविष्य को एक सीमित काल खंड के ऐनक से देखते हों, परंतु ‘भव्य भारत न्यूज़’ अपने पाठकों को भारत का ‘इतिहास दर्शन’ अनादिकाल से चली आ रही सृष्टि के उत्पत्ति काल से कराएगा। यह ‘इतिहास दर्शन’ दर्शन केवल भारत पर मुग़लों व अंग्रेजों के आक्रमणों व आतंक तक की दुर्दांत व निराश करने वाली कथाओं पर निर्भर नहीं होगा, अपितु यह ‘इतिहास दर्शन’ प्रत्येक भारतवासी को गर्व से भर देने वाले उसके वैभवशाली प्राचीन इतिहास, सत्य-सनातन धर्म व वैदिककालीन घटनाओं व महापुरुषों की गाथा गाएगा। इसी प्रकार बीबीएन भारत के वर्तमान का विश्लेषण भी इस प्रकार करने का प्रयास करेगा, जिससे प्रत्येक नागरिक के मन में भविष्य के एक सुदृढ़, विश्व गुरु, विश्व महासत्ता बनने की क्षमता रखने वाले भारत की संकल्पना में जागे।

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